खुदा करे, मेरी कसम का उसे एतवार हो मुहब्बत फ़िर न रुसवा1 सरे बाजार हो आँख उसकी जब भी तरसे, जल्वा-ए-दीदार2 को सामने उसका आजुर्दगी -ए- यार3 हो छूट न जाए हाथों से गरेबां बहार का मुहब्बते इंतजार का चढ़ा हुआ खुमार हो मेरी जान को करार मिले न मिले, बू-ए-गुल से मस्त, यार के कूचे का हर दरो-दीवार हो है यही खुदा से दुआ मेरी, बागे-आलम में समन्दे-उम्र4का लगाम,हाथ से न बे-इख्तियार हो 1. बदनाम 2. नज्जारा 3. उदास यार 4.उम्र का घोड़ा |